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जानिए क्या है, मानव इंसुलिन प्रसार कार्यक्रम (WHO) ?

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO) मानव इंसुलिन प्रसार कार्यक्रम विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने 13 नवंबर , 2019 को निम्न और मध्यम आय वाले देशों में मधुमेह के इलाज में वृद्धि करने के लिए मानव इंसुलिन के प्रसार के लिए एक पायलट कार्यक्रम की शुरुआत की घोषणा की ।

महत्वपूर्ण तथ्यः
टाइप – 2 मधुमेह वाले लगभग 65 मिलियन लोगों को इंसुलिन की आवश्यकता होती है , लेकिन उच्च कीमतों के कारण उनमें से केवल आधे लोग ही इसका उपयोग कर पाते हैं ।
• टाइप – 2 मधुमेह में शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता है , जबकि टाइप – 1 मधुमेह में अग्न्याशय इंसुलिन नहीं बना पाता तथा जीवित रहने के लिए इंसुलिन की आवश्यकता अंतरराष्ट्रीय मधुमेह संघ के मधुमेह एटलस ( 9वें संस्करण ) के अनुसार , 2019 में चीन में सबसे ज्यादा 11 . 6 करोड़ मधुमेह के मरीज हैं ।
इसके बाद भारत में 7 . 7 करोड़ मरीज हैं ।
. इंसुलिन के लिए डब्ल्यूएचओ की पूर्व – अर्हता ( WHO prequalification of insulin ) उन सभी को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है , जिन्हें इस जीवन – रक्षक उत्पाद की आवश्यकता है ।
• इंसुलिन की खोज लगभग 100 साल पहले मधुमेह ( Diabetes ) के उपचार के रूप में की गई थी और यह 1977 के बाद से डब्ल्यूएचओ की आवश्यक दवाओं की सूची में है ।
इंसुलिन तक पहुँच की चुनौती : डब्ल्यूएचओ द्वारा 2016 – 2019 में चार महाद्वीपों के 24 देशों से एकत्र किए गए आंकड़ों से पता चला है कि मानव इंसुलिन केवल 61 % स्वास्थ्य सुविधाओं में उपलब्ध था ।
• 420 मिलियन से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं । मधुमेह मृत्यु का सातवां प्रमुख कारण है ।
लाभः यह कार्यक्रम सभी देशों में गुणवत्ता वाले इंसुलिन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगा ।

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